मुख्यपृष्ठRomantic sayri Ankho ki gahrae Paresh prajapati -अक्टूबर 08, 2020 0 टिप्पणियाँ आँखो की गहराई को समज़ नही सकते,होंटो से कुछ कह नही सकते.कैसे बया करे हम आपको यह दिल का हाल की,तुम्ही हो जिसके बागेर हम रह नही सकते.
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