New isq sayri
1. "बहते अश्कों की ज़ुबान नहीं होती;
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नही होती;
मिले जो प्यार तो कदर करना;
किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नहीं होती।
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2.
"कब तक रहोगे आखिर यूं दूर हमसे;
मिलना पड़ेगा आखिर एक दिन जरूर हमसे;
दामन बचाने वाले ये बेरुखी है कैसी?
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे!
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3.
"मित्र संकट के समय प्रेम दिखाते हैं."
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4.
"ख़्वाबों की दुनिया से अब लौट आओ;
हो गयी है सुबह अब जाग भी जाओ;
चाँद-तारों को अब कह दो अलविदा;
और प्यारी सी सुबह को करो सजदा।
सुप्रभात!"
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5.
"मित्रता और पैसा: तेल और पानी."
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6.
"मैं खुद भी सोचता हूँ...
मैं खुद भी सोचता हूँ ये क्या मेरा हाल है;
जिसका जवाब चाहिए, वो क्या सवाल है;
घर से चला तो दिल के सिवा पास कुछ न था;
क्या मुझसे खो गया है, मुझे क्या मलाल है;
आसूदगी से दिल के सभी दाग धुल गए;
लेकिन वो कैसे जाए, जो शीशे में बल है;
बे-दस्तो-पा हू आज तो इल्जाम किसको दूँ;
कल मैंने ही बुना था, ये मेरा ही जाल है;
फिर कोई ख्वाब देखूं, कोई आरजू करूँ;
अब ऐ दिल-ए-तबाह, तेरा क्या ख्याल है।"
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7.
"खफा न होना हमसे, अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये;
इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी, तो कह देंगे;
कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं, जो खैरात में मिल जाये;
चमचमाता कोई जुगनू नहीं, जो हर रात में मिल जाये;
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8.
"बस इतना ही कहा था, कि बरसो के प्यासे हैं हम;
उसने अपने होठों पे होंठ रख के, हमे खामोश कर दिया!
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